Tuesday, 1 November 2016

अंगूर खाने के फायदे - Health Benefits Of Grapes Fruits

अंगूर काले हों या सफेद, उनके फायदे और नुकसान के ओषधिए गुणों (Health Benefits Of Grapes Fruits) की जानकारी आपको दे रही हूँ। अंगूर को बीज सहित एवम खट्टे / मीठे जूस के रूप में प्रयोग किया जाता है। अंगूर स्वस्थ मनुष्य के लिए पौष्टिक भोजन है और रोगी के लिए शक्तिप्रद पथ्य है | अंगूर सूख जाने पर किशमिश (मुनक्का) बन जाता है | अंगूर में पानी की मात्रा अधिक होती है जिससे हमारे शरीर में नमी बनी रहती है। इसके अलावा अंगूर में सोडियम, पोटेशियम, और रेशा की मात्रा अधिक पाई जाती है।
(अंगूर खाने के फायदे - Health Benefits Of Grapes Fruits)
विभिन्न रोगों में अंगूर से उपचार :-
1- मूर्च्छा (चक्कर आना):- 100-200 ग्राम मुनक्का को घी में भूनकर थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर रोजाना 5-10 ग्राम तक खाने से चक्कर आना बंद हो जाता है।
2- बाल झड़ना :- अंगूर खाने से स्कैल्प (scalp) के रक्त संचार (blood circulation) बढ़ती है जिससे बाल झड़ना कम होता है साथ हीं बालो में growth भी होती है । यह एक आसन और सस्ता तरीके है hair fall को control करने का |
मुनक्का 10 दाने और 3-4 जामुन के पत्ते मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े से कुल्ला करने से मुंह के रोग मिटते हैं।
4- नकसीर (नाक से खून आना):-  अंगूर के रस को नाक में डालने से नाक की नकसीर (नाक से खून आना) रुक जाती है।
5- मुंह की दुर्गन्ध:- कफ या अजीर्ण के कारण मुंह से दुर्गन्ध आती है तो 5-10 ग्राम मुनक्का नियमपूर्वक खाने से दूर हो जाती है।
6- सिर में दर्द:- 8-10 मुनक्का, 10 ग्राम मिश्री तथा 10 ग्राम मुलेठी तीनों को पीसकर रोजाना  देने से पित्त के विकार के कारण उत्पन्न सिर का दर्द दूर होता है।
7- सूखी खांसी:- द्राक्षा, आंवला, खजूर, पिप्पली तथा कालीमिर्च इन सबको बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इस चटनी के सेवन से सूखी खांसी तथा कुकुर (कुत्ता) खांसी में लाभ होता है।
8- क्षयरोग  (टी.बी.):- घी, खजूर, मुनक्का, मिश्री, शहद तथा पिप्पली इन सबका अवलेह बनाकर सेवन करने से बुखार, खांसी, श्वास, जीर्णज्वर तथा क्षयरोग का नाश होता है।
9-  पित्तज कास (कफ वाली खांसी):-  8-10 नग मुनक्का, 25 ग्राम मिश्री तथा 2 ग्राम कत्थे को पीसकर मुख में धारण करने से दूषित कफ विकारों में लाभ होता है।
10- गलग्रंथि (थायराइड):- #दाख (मुनक्का) के 10 मिलीलीटर रस में हरड़ का 1 ग्राम चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम नियमपूर्वक पीने से गलग्रंथि मिटती है।
#गले के रोगों में इसके रस से गंडूष (गरारे) कराना बहुत अच्छा है।
11- मृदुरेचन (पेट साफ रखने) के लिए:- रात्रि में सोने से पहले 10-20 नग मुनक्कों को थोड़े घी में भूनकर सेंधानमक चुटकी भर मिलाकर खाएं। सोने से पहले आवश्यकतानुसार 10 से 30 ग्राम तक किसमिस खाकर गर्म दूध पीयें।
12- पांडु (कामला या पीलिया):– बीजरहित मुनक्का का चूर्ण (पत्थर पर पिसा हुआ) 500 ग्राम, पुराना घी 2 लीटर और पानी 8 लीटर सबको एक साथ मिलाकर पकाएं। जब केवल घी मात्र शेष रह जाये तो छानकर रख लें, 3 से 10 ग्राम तक सुबह-शाम सेवन करने से पांडु (पीलिया) आदि में विशेष लाभ होता है।
13- पथरी:- #8-10 नग मुनक्कों को कालीमिर्च के साथ घोटकर पिलाने से पथरी में लाभ होता है।
#अंगूर के जूस में थोड़े-से केसर मिलाकर पीयें। इससे पथरी ठीक होती है।
14- मूत्रकृच्छ (पेशाब करने में कष्ट):-  #मूत्रकृच्छ में 8-10 मुनक्कों एवं 10-20 ग्राम मिश्री को पीसकर दही के पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
#8-10 नग मुनक्कों को बासी पानी में पीसकर चटनी की तरह पानी के साथ लेने से मूत्रकृच्छ में लाभ होता है।
15- त्वचा के रोग:- बसन्त के सीजन में इसकी काटी हुई टहनियों में से एक प्रकार का रस निकलता है जो त्वचा सम्बंधी रोगों में बहुत लाभकारी है।
16- नशे की आदत:- सिगरेट, चाय, काफी, जर्दा, शराब आदि की आदत केवल अंगूर खाते रहने से छूट जाती है।
17- धतूरे का जहर:–  अंगूर का रस 10 मिलीलीटर, सिरका 100 मिलीलीटर दूध में मिलाकर कई बार पिलायें।
>18- दुग्धवृद्धि (स्तनों में दूध की वृद्धि):- अंगूर खाने से दुग्धवृद्धि होती है। अंगूर दुग्धवर्द्धक होता है। प्रसवकाल में यदि उचित मात्रा से अधिक रक्तस्राव हो तो अंगूर के रस का सेवन बहुत अधिक प्रभावशाली होता है। खून की कमी के शिकायत में अंगूर के ताजे रस का सेवन बहुत उपयोगी होता है क्योंकि यह शरीर के रक्त में रक्तकणों की वृद्धि करता है।
19- अनियमित मासिक :- धर्म, श्वेतप्रदर:- 100 ग्राम अंगूर रोज खाते रहने से मासिक-धर्म नियमित रूप से आता है। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
20- जलन (दाह), प्यास:- #10-20 नग मुनक्का शाम को पानी में भिगोकर सुबह मसलकर छान लें और उसमें थोड़ा सफेद जीरे का चूर्ण और मिश्री या चीनी मिलाकर पिलाने से पित्त के कारण उत्पन्न जलन शांत होती है।
#10 ग्राम किशमिश आधा किलो गाय के दूध में पकाकर ठंडा हो जाने पर रात्रि के समय नित्य सेवन करने से जलन शांत होती है।
#मुनक्का और मिश्री 10-10 ग्राम रोज चबाकर और पीसकर सेवन करने से जलन शांत होती है।
(अंगूर खाने के फायदे - Health Benefits Of Grapes Fruits)

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