Sunday, 6 August 2017

राजस्थानी घेवर बनाने की विधि - Malai Ghavar Recipe in Hindi

आपको घर पर ही आसानी से राजस्थानी घेवर बनाने की विधि (तरीका), राजस्थानी मिठाई ने पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है। घेवर में भी आपको कई प्रकार की वैराइटी मिल जाएगी जैसे, प्लेन, मावा और मलाई वाली घेवर। राजस्थानी मलाई घेवर बनाने के लिए हमें निम्न सामिग्री की आवश्य्कता होती है.
(राजस्थानी घेवर बनाने की विधि - Malai Ghavar Recipe in Hindi)

  • 3-4 लोगों के लिए
  • 20 मिनट तैयारी का समय
  • 40 मिनट बनाने का समय
  • 320 कैलोरीज (100 ग्राम)
  • 16.5g फैट (100 ग्राम)
  • शाकाहारी व्यंजन
  • भारतीय पकवान
  • स्वीट रेसिपी
व्यंजनों के लिए अनुमानित सामग्री माप चार्ट
चम्मचकपग्राम
41/425g
81/250g
123/475g
161100g
घेवर बनाने की सामग्री:-
  • 300 ग्राम ग्राम मैदा
  • 100 ग्राम घी
  • 400 ग्राम पानी
  • 100 ग्राम दूध
  • 1/4 चम्मच पीला रंग (खाने वाला)
  • 1 किलो घी
  • - चाशनी बनाने की सामग्री
  • 400 ग्राम कप चीनी
  • 200 ग्राम कप पानी
  • - सजावट के लिये सामग्री
  • 1 चम्मच इलायची (पाउडर)
  • 1 चम्मच बादाम (कटे हुए)
  • 1 चम्मच पिस्ता (कटे हुए)
  • 1/2 चम्मच केसर (दूध में भिगोया हुआ)
  • चांदी का बरक
घेवर बनाने की विधि:-
  • सबसे पहले चीनी की चाशनी तैयार करे।
  • इसके लिये हमे किसी बर्तन में चीनी और पानी डाल कर गैस पर रखिये और उबाल आने के बाद 5-6 मिनिट तक पकाइये।
  • जब ये पक जाये तो इसको चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराइये और ठंडा होने पर अपने अंगूठे और उंगली के बीच चिपका कर देखिये तो चाशनी उनके बीच चिपकनी चाहिये और चाशनी में 2 तार बनने चाहिये।
  • अगर ऐसा नही होता है तो फिर उसको थोड़ी देर पकाइये और चेक कीजिये की चाशनी में 2 तार बन रहे है या नहीं ! चाशनी तैयार हो गई है।
  • उसके बाद एक बडे कटोरे में घी डालें,घी को आइस क्यूब के साथ फेंटे, फिर दूध, मैदा और पानी डाल कर एक पतला घोल बनाएं।
  • अब थोडे़ से पानी में पीला रंग मिला लीजिये और उस पानी को मैदे के घोल में डाल दीजिये।
  • जरुरत के हिसाब से घोल में और अधिक पानी मिलाएं क्यूंकि घोल का पतला होना आवशयक है।
  • अब एक स्टील का बर्तन लें जिसका तला चपटा हो और बर्तन गहरा भी हो (जैसे भगोना) इस बर्तन में आधे तक का घी भर दीजिये और गरम कर दीजिये।
  • घी जब गरम हो जाए तब 50 एमएल गिलास भर के घोल लीजिये और उसे घी के किनारे किनारे डालिये और बीच में एक छेद बनाइये।
  • घोल डालने के बाद उसे थोडा़ सा समय दीजिये जिससे वह बैठ जाए, इसके बाद फिर से गिलास भर कर दुबारा वही विधि अपनाइये। जब घेवर एक बार बैठ जाए तब उसे पकने दीजिये।
  • आप देखेगी की घेवर भूरा होने लगेगा। इसके बाद एक लोहे की कलछुल से और घेवर के बीच में जो छेद है वहां पर उसे डाल कर सावधानी से निकाल लें।
  • अब इसका अतिरिक्त घी निकल जाने दें और इसे चाशनी में डुबो दें और थोडी़ देर के बाद इसे निकाल कर किनारे रख दें जिससे इसका अतिरिक्त चाशनी निकल जाए।
  • जब यह हल्का ठंडा हो जाए तब इस पर चांदी का बरक लगा दें और केसर का दूध डालें, कटे हुए मेवे डाल कर इलायची पाउडर छिड़क दीजिये।
  • आपका घेवर सर्व करने के लिये तैयार है।
  • आप घेवर के ऊपर रबड़ी और कतरे हुये सूखे मेवे डाल कर इसको सजा सकती है।
  • (राजस्थानी घेवर बनाने की विधि - Malai Ghavar Recipe in Hindi)
उपयोगी सुझाव:-
  • सावन के महीने में आने वाली हरियाली तीज पर प्रायः हर घर में खाया जाता है।
  • सादा घेवर पंद्रह दिनों तक खराब नहीं होता है।
  • मलाई बाला घेवर को आप फ्रिज में ही स्टोर करें।
  • (राजस्थानी घेवर बनाने की विधि - Malai Ghavar Recipe in Hindi)

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